भागलपुर: भागलपुर और सीमांचल क्षेत्र के बीच आवागमन को आसान बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। विक्रमशिला सेतु के समानांतर निर्मित नए बेली ब्रिज को रविवार से आम वाहनों के लिए खोलने की तैयारी पूरी कर ली गई है। इस नई व्यवस्था से वर्षों से जाम और यातायात दबाव की समस्या से जूझ रहे लोगों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, पुल को यातायात के लिए शुरू करने से पहले शनिवार शाम अंतिम परीक्षण किया जाएगा। इस दौरान विभिन्न विभागों के अधिकारियों, पुलिस पदाधिकारियों तथा शहर के चुनिंदा नागरिकों के वाहनों को पुल से गुजारकर इसकी सुरक्षा और क्षमता का आकलन किया जाएगा।
भागलपुर में आयोजित एक प्रेस वार्ता के दौरान जिला प्रशासन और पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि बेली ब्रिज का निर्माण सभी आवश्यक तकनीकी और सुरक्षा मानकों को ध्यान में रखकर किया गया है। शुरुआती चरण में इस पुल पर केवल हल्के और मध्यम श्रेणी के वाहनों को ही आवागमन की अनुमति दी जाएगी।
अधिकारियों ने जानकारी दी कि 10 टन तक वजन वाले वाहन इस पुल का उपयोग कर सकेंगे। इसके अलावा सीमित यात्री क्षमता वाले छोटे पैसेंजर वाहन भी यहां से गुजर सकेंगे। भारी मालवाहक वाहनों के प्रवेश पर फिलहाल रोक लगाई गई है ताकि पुल पर अतिरिक्त भार न पड़े।
यातायात को सुचारु बनाए रखने के लिए पुल के दोनों ओर विशेष निगरानी व्यवस्था की गई है। पुलिस और ट्रैफिक कर्मियों की तैनाती कर वाहनों की आवाजाही को नियंत्रित किया जाएगा। वाहन निर्धारित क्रम में पुल पार करेंगे, जिससे जाम और अव्यवस्था की स्थिति उत्पन्न न हो।
सुरक्षा कारणों से पुल पर वाहनों की अधिकतम गति 40 किलोमीटर प्रति घंटा तय की गई है। प्रशासन ने वाहन चालकों से नियमों का पालन करने और सावधानीपूर्वक वाहन चलाने की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि पुल का कई चरणों में परीक्षण किया जा चुका है और सभी परीक्षण सफल रहे हैं।
प्रशासन ने स्थानीय लोगों से सहयोग की अपेक्षा करते हुए बताया कि शुरुआती दिनों में वाहनों की आवाजाही को नियंत्रित करने के लिए कतार आधारित व्यवस्था लागू की जाएगी। इससे पुल पर यातायात का दबाव संतुलित रहेगा और संचालन सुरक्षित तरीके से हो सकेगा।
इस बीच राज्य के पथ निर्माण मंत्री ई. शैलेंद्र भी शनिवार को भागलपुर पहुंचकर पुल का निरीक्षण करेंगे। निरीक्षण के बाद रविवार को उनके द्वारा औपचारिक रूप से पुल को जनता के लिए समर्पित किए जाने की संभावना है।
उल्लेखनीय है कि विक्रमशिला सेतु पर लगातार बढ़ते ट्रैफिक और लंबे जाम की समस्या को देखते हुए इस वैकल्पिक बेली ब्रिज का निर्माण कराया गया है। इसके चालू होने से भागलपुर सहित कटिहार, पूर्णिया, अररिया, किशनगंज और आसपास के सीमांचल क्षेत्रों के लाखों यात्रियों को आवागमन में काफी सुविधा मिलने की उम्मीद है। प्रशासन का मानना है कि यह पुल क्षेत्र की यातायात व्यवस्था को अधिक व्यवस्थित और प्रभावी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
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