पटना/बक्सर: बक्सर-बरौनी रेलखंड पर स्थित एलसी-70ए रेलवे ओवरब्रिज (ROB) में धंसाव की घटना के बाद राज्य सरकार ने मामले को गंभीरता से लेते हुए सख्त कदम उठाए हैं। प्रारंभिक जांच में लापरवाही के संकेत मिलने पर तीन इंजीनियरों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। इसके अलावा परियोजना से जुड़े अन्य अधिकारियों को भी कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब तलब किया गया है।
पथ निर्माण मंत्री ई. कुमार शैलेंद्र ने बताया कि संबंधित रेलवे ओवरब्रिज का निर्माण कार्य अभी अंतिम चरण में था और इसकी कमीशनिंग प्रक्रिया पूरी नहीं हुई थी। इसी दौरान पुल के एक्सपेंशन जॉइंट के समीप स्थित एक हिस्सा क्षतिग्रस्त होकर धंस गया। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि इस घटना से पुल की मुख्य संरचना पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ा है और ओवरब्रिज पूरी तरह सुरक्षित है।
मंत्री के अनुसार निर्माण कार्य के दौरान एक्सपेंशन जॉइंट के पास डाला गया कंक्रीट का एक छोटा भाग अपनी स्थिति से हट गया था, जिसके कारण सड़क का हिस्सा नीचे बैठ गया। घटना की जानकारी मिलते ही विभाग ने विशेषज्ञों और तकनीकी अधिकारियों की टीम को मौके पर भेजकर विस्तृत निरीक्षण कराया। जांच में यह पाया गया कि पुल की मूल संरचना मजबूत और सुरक्षित है।
उन्होंने कहा कि तकनीकी नियमों के मुताबिक मरम्मत के बाद कंक्रीट को पूरी तरह मजबूत होने के लिए निर्धारित समय देना आवश्यक था। लेकिन निर्धारित अवधि पूरी होने से पहले ही रेलवे प्रशासन ने नीचे स्थित रेलवे फाटक को बंद कर निर्माणाधीन ओवरब्रिज पर वाहनों का परिचालन शुरू करा दिया। समय से पहले बढ़े यातायात दबाव के कारण क्षतिग्रस्त हिस्सा और अधिक प्रभावित हो गया।
सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए प्रशासन ने तत्काल प्रभाव से ओवरब्रिज पर वाहनों की आवाजाही रोक दी है। लोगों की सुविधा के लिए पुराने रेलवे फाटक को फिर से खोल दिया गया है, जिससे फिलहाल यातायात का संचालन सुचारू रूप से किया जा रहा है।
घटना के बाद पथ निर्माण विभाग ने जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका की जांच शुरू कर दी है। प्रथम दृष्टया लापरवाही सामने आने पर तीन इंजीनियरों को निलंबित किया गया है, जबकि परियोजना से जुड़े अन्य अधिकारियों से भी स्पष्टीकरण मांगा गया है। विभाग का कहना है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे और भी कार्रवाई की जा सकती है।
मंत्री कुमार शैलेंद्र ने कहा कि राज्य सरकार निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और सुरक्षा को लेकर पूरी तरह गंभीर है। किसी भी परियोजना में मानकों से समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने आश्वासन दिया कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
फिलहाल क्षतिग्रस्त हिस्से की मरम्मत, तकनीकी परीक्षण और सुरक्षा मूल्यांकन का कार्य तेजी से जारी है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि सभी जांच रिपोर्ट संतोषजनक आने और विशेषज्ञों की मंजूरी मिलने के बाद ही ओवरब्रिज को दोबारा यातायात के लिए खोला जाएगा।
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